19-08-2018
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कैरियर
खुद को नौकरी के लायक बनाइए
02-01-2017
भारत में बेशक युवा स्नातक अच्छी-खासी संख्या में हैं, लेकिन नियोक्ता कहते हैं कि उनमें से ज्यादातर के पास विविध नौकरियों के लिए आवश्यक मूलभूत कौशल नहीं होता। पिछले साल एमबीए स्नातकों पर किए एक अध्ययन में जिन युवाओं को परखा गया, उनमें केवल 10 फीसदी के पास वो कौशल थे, जिन्हें नियोक्ता ढूंढ रहे थे। नियोक्ता कहते हैं कि पूर्वस्नातक (अंडरग्रैजुएट) और डिप्लोमा पाठ्यक्रम, संप्रेषण, प्रस्तुतिकरण और ऐसे दूसरे कौशल प्रदान नहीं करते, जिन्हें नियोक्ता खास तौर पर खोजते हैं। लिहाज़ा नौकरी ढूंढने वाले स्नातकों को स्वयं इनमें से कुछ कौशल हासिल करने के प्रयास करने चाहिए। कुछ टिप्स: व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कीजिए: भारत के कॉलेज विशिष्ट तौर पर सैद्धान्तिक ज्ञान प्रदान करते हैं, लेकिन स्नातक ये नहीं जान पाते कि कार्यस्थल में उत्पन्न तमाम परिस्थितियों में उस ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करें, विशेषज्ञ कहते हैं। विशेषज्ञ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्रों को पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप करने का सुझाव देते हैं। “ज़रूरी नहीं कि इंटर्नशिप बड़ी कंपनियों में ही की जाए, दरअसल कॉलेज के दौरान ही छात्र व्यावहारिक और क्रियाशील अनुभव प्राप्त कर सकते हैं,” गुड़गांव की सॉफ्टवेयर शिक्षा और प्रशिक्षण कंपनी, टैलेंटएज के मुख्य कार्यकारी आदित्य मलिक कहते हैं। उदाहरण के लिए श्री मलिक कहते हैं कि कॉमर्स की डिग्री ले रहे छात्र नज़दीकी पेट्रोल पंप के अकाउन्टेट के साथ काम कर सकते हैं, जबकि इंजीनिरिंग पढ़ रहे छात्र छोटा विनिर्माण संयत्र चला रहे अपने किसी परिचित की मदद कर सकते हैं। दूसरा विकल्प होगा, विशिष्ट कौशल हासिल करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम में नाम लिखवाना। उदाहरण के लिए, अगर आपको लगता है कि आपकी कॉमर्स की स्नातक डिग्री नाकाफी है, तो अकाउंट्स से जुड़ा कोई सर्टिफिकेट कार्यक्रम कीजिए। बिज़नेस डिग्री के साथ सप्लाई चेन मैनेजमेंट (आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन) का कोई छोटा पाठ्यक्रम किया जा सकता है। इन पाठ्यक्रमों की कीमत 15,000 रूपए (174 डॉलर) से 50,000 रूपए (877 डॉलर) के बीच तक हो सकती है। संप्रेषण कौशल हासिल करें: नियोक्ता अमूमन अच्छी अंग्रेज़ी बोलने वाले उम्मीदवारों को तरज़ीह देते हैं, विशेष तौर पर ग्राहकों के साथ वार्तालाप वाली नौकरियों में। लिहाज़ा अंग्रेज़ी में अच्छी तरह बात करने की कोशिश कीजिए। साक्षात्कार लेने वाला शख्स आपसे क्या-कुछ पूछ रहा है, ये उसे समझने में भी मददगार होगा और आप ज्यादा सुस्पष्ट जवाब दे पाएगें अपने दोस्तों और परिवारवालों के साथ अंग्रेज़ी में बातचीत का अभ्यास कीजिए और भाषा पर बेहतर पकड़ के लिए पुस्तकें पढ़िए। अगर ये भी नाकाफी हो, अंग्रेज़ी बोलना सिखाने वाली कक्षाओं में नाम लिखवाइए। सामान्य ज्ञान, वर्तमान घटनाक्रम से संबद्ध जानकारी बढ़ाइए: अपने विषय की मात्र किताबी जानकारी ही काफी नहीं होती-नियोक्ता ये भी परखना चाहता है कि आपके उद्योग अथवा दुनिया में जो-कुछ हो रहा है, आप उसको लेकर कितने जागरुक हैं। नियोक्ता उन्हें ढूंढते हैं, जो कॉलेज में सीखी बातों से परे भी जानकारी रखते हैं, नोएडा की स्टाफिंग फर्म जी ग्रुप के मुख्य कार्यकारी असीम हांडा कहते हैं। आपके क्षेत्र में क्या-कुछ हो रहा है, इसकी ज्यादा जानकारी के लिए उक्त क्षेत्र के प्रवीण लोगों की वार्ताओं में जाइए अथवा संबंधित लेख पढ़िए। अपने सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के लिए अखबार और मैगज़ीन पढ़िए। विभिन्न क्षेत्रों पर वार्तालाप के लिए आप ऑनलाइन फोरम, उदाहरण के लिए गैर-लाभकारी संगठन टेड पर साइन-अप कर सकते हैं। इस तरह के वार्तालापों में हिस्सेदारी से आपको दूसरों का नज़रिया जानने में काफी मदद मिलेगी, जब आप नियोक्ता से बात करेगें, तो ये आपका आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार होगा। आकर्षक बनिए: आपको पसंद हो या नहीं, आप कैसे दिख रहे हैं, ये पहला प्रभाव जमाने में अहम भूमिका निभाता है, अंजु जैन कहती हैं, जो मशीन-निर्माता कैटरपिलर इंक की बैंगलोर स्थित भारत इकाई में मानव संसाधन की निदेशक हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कर्मचारी अकसर ग्राहकों के लिए कंपनी का चेहरा-मोहरा होते हैं, सुश्री जैन कहती हैं। लिहाज़ा, आप दूसरे लोगों से कैसे हाथ मिलाते हैं, कैसे कपड़े पहनते हैं, कैसे बात करते हैं, चलते हैं और बल्कि खाते हैं, तक मायने रखता है। इन कौशलों को दोहराने के लिए, आप प्रस्तुतिकरण से संबंधित टिप्स के लिए ऑनलाइन वीडियो देख सकते हैं अथवा निजी विकास कार्यक्रमों में नाम लिखवा सकते हैं, जिनकी फीस 5000 रूपए (87 डॉलर) से लेकर 10,000 रूपए (174 डॉलर) के बीच हो सकती है। कंप्यूटर सीखिए: आप जिस भी नौकरी के लिए आवदेन कर रहे हैं, हर कंपनी उम्मीद करती है कि आपको कंप्यूटर की जानकारी हो, जैसे टाइप करना और कंप्यूटर के मूलभूत कार्यक्रम जैसे माइक्रोसॉफ्ट, पावरप्वाइंट और एक्सेल के बारे में जानकारी। अगर आपको किसी नौकरी के लिए प्रस्तुतिकरण (प्रेज़ेन्टेशन) तैयार करना है, तो उसके लिए थोड़ा बहुत प्रशिक्षण हासिल करना अच्छा रहेगा। ऐसा उक्त विषय पर इंटरनेट पर ट्यूटोरियल, जैसे लेज़र प्वाइंट का इस्तेमाल कैसे करें (आप नहीं चाहेगें कि इसकी रोशनी आपके बॉस के गंजे सिर पर पड़े) लेकर, प्रस्तुतिकरण स्लाइड पर कितने शब्द होने चाहिए, की जानकारी हासिल कर के किया जा सकता है। आपको इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए सहज होना चाहिए, विशेष तौर पर ईमेल। कुछ कंपनियां कदाचित आपसे सोशल मीडिया वेबसाइट्स के इस्तेमाल की उम्मीद कर सकती हैं- जैसे ट्वीटर और फेसबुक-लिहाज़ा, अगर आप पहले से ही इनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हों, इनके बारे में जानिए। अगर आप करते हैं, तो याद रखिए कि कुछ नियोक्ता पहले से ही उसमें प्रोफाइल को देख खराब लगने वाले उम्मीदवारों को छांट बाहर कर देते हैं। इसलिए ऐसी जोखिम में डालने वाली तस्वीरें अथवा दूसरी सूचनाएं, जिन्हें आप संभावित नियोक्ता को नहीं दिखाना चाहते, सावधानी से पोस्ट करें।
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02/01/2017 खुद को नौकरी के लायक बनाइए
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